काव्य श्रृंखला – 59

बेखुद ख्वाहिशें मैं शराबी नहीं हूं मगर, हमकदमएक ख्वाहिश है नजरों से पीता चलूं बेखुदी में भी ठिठकें न बढ़ते कदमलड़खड़ाऊं मगर उठकर जीता चलूं नासमझ हूं सुरों और सरगम…

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

वैसे तो अलग अलग देशों में अलग अलग तिथियों पर हिंदी दिवस मनाया जाता है लेकिन वैश्विक स्तर पर 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मान्यता प्रदान…