काव्य श्रृंखला – 63

खुशियों की राखी बातों नातों में सरस मधुमयखटके क्यों युति उसकी चपलाएक नार सृजित सर्जित सकलाकर्तव्य सृजन फिर क्यों अबला पय सुधा पिला बनी मातृ मधुरसमरस समोदर भगिनी सबलाजब धार…

स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

देश की बात करें हैं सभी, हर पल कुर्बान इसी पर है बस बात में ही न दबे भक्ति, रक्षा का फर्ज भी सबका है सीमाओं पर प्रहरी सशक्त, तैयार…