काव्य श्रृंखला – 45

क्या हुआ अगर चले थे ढूंढने इंसानियत गुमनाम राहों मेंदिशाएं स्याह, काले मन, बड़ी संगीन दुनिया थीभले मानुष दिखे अब रेड डाटा बुक के पन्नों परसड़ी बुद्धि, भ्रमित जनता, बड़ी…

विचार श्रृंखला – 22

महिला दिवस : कितना सार्थक आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। सामान्य अर्थ में यह दिन महिलाओं को समाज में समानता, इज्जत और सशक्तिकरण प्रदान करने के प्रतीक के रूप में…