सामयिकी – 06 मई 2019

  • क्या है FPO
    • आइपीओ लाकर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई कंपनी जब अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए शेयर बेचने की पेशकश करती है तो उसे FPO (Follow on Public Offering) कहते हैं
    • कंपनियों के लिए पूंजी बाजार से अतिरिक्त equity capital जुटाने का यह एक लोकप्रिय तरीका है
    • FPO दो प्रकार का होता है–
      • Diluted FPO
        • इसके तहत कंपनियाँ अपना कर्ज चुकाने, नई मशीनरी खरीदने या प्लांट लगाने और दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने के लिए equity market से धन जुटाती है। चूंकि FPO लाने वाली कंपनी पूंजी जुटाने के लिए अतिरिक्त शेयर भी जारी करती हैं, इसलिए शेयरों की संख्या बढ़ जाती है जिससे प्रति शेयर आय कम हो जाती है
        • इसके द्वारा जुटाई गई राशि कंपनी के विस्तार के काम में आती है
      • Non-diluted FPO
        • इसके तहत नए शेयर नहीं जारी किए जाते बल्कि पहले के शेयरधारक ही FPO के रुप में अपना हिस्सा शेयर बाजार में बेचते हैं। कंपनी के executive, promoters, संस्थागत निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट जब FPO के जरिए अपनी आंशिक या पूरी हिस्सेदारी बेचते हैं तो वे non diluted FPO की श्रेणी में आते हैं।
        • इसके द्वारा जुटाई गई राशि सीधे उन्हीं हिस्सेदारों के खाते में जाती है जिन्होंने अपने हिस्से के शेयर बेचे थे
        • चूंकि Non diluted FPO में कोई नया शेयर नहीं जारी किया जाता इसलिए प्रति शेयर earning बरकरार रहती है इससे कंपनी केी प्रति शेयर कमाई में कोई अंतर नहीं आता
        • Non diluted FPO को Secondary Market offering भी कहते हैं
    • सरकार भी विनिवेश के माध्यम से सार्वजनिक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए इसी तरह के FPO का सहारा लेती है।
      • वित्त वर्ष 2013–14 में सरकार ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में अपनी चार प्रतिशत हिस्सेदारी FPO के जरिए बेचकर 1637 करोड़ रुपए जुटाए थे
  • तेल आयात पर निर्भरता 84% पर पहुँची
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2015 में उर्जा संगम सम्मेलन में तेल के आयात पर निर्भरता घटाने की बात कही थी तथा इसे 2013–14 के 77% से घटाकर 2022 तक 67% तक लाने की जरुरत पर बल दिया था हालांकि वर्तमान स्थिति लक्ष्‍य से कोसों दूर है क्योंकि तेल आयात पर भारत की निर्भरता घटने की बजाय बढ़कर 84% तक पहुँच गई है
  • अत्याधुनिक युद्धपोत के निर्माण के लिए भारत और ब्रिटेन की बीच वार्ता
    • लंदन के अखबार ʺलंदन मिरर‘ की खबर
    • ब्रिटेन के HMS क्वीन एलिजाबेथ की तर्ज पर बनने वाले इस युद्धपोत का निर्माण ʺमेक इन इंडिया‘ के तहत भारत में होगा
    • भारतीय नौसेना के लिए 65000 टन के ब्रिटिश युद्धपोत की विस्तृत डिजाइन की खरीद के लिए बातचीत
    • 2022 तक भारतीय नौसेना में शामिल होने वाले इस युद्धपोत का नाम INS विशाल होगा
    • नया युद्धपोत भारत के 45000 टन के युद्धपोत INS विक्रमादित्य और नौसेना में शामिल होने वाले 40000 टन् के INS विक्रांत के साथ काम करेगा
    • इसके आने के बाद भारतीय विमानवाहक पोत का बेड़ा ब्रिटेन से भी बड़ा हो जाएगा
  • डायबिटिक रेटिनोपैथी की स्मार्टफोन के जरिए जाँच
    • डायबिटिक रेटिनोपैथी डायबिटीज के मरीजों की आंखों में होने वाली परेशानी है। समय पर जाँच न हो तो व्यक्ति दृष्टिहीन भी हो सकता है
    • अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के केलॉग आई सेंटर के वैज्ञानिकों के अनुसार किसी स्मार्टफोन से रेटिना की हाई क्वालिटी तस्वीर खींच कर एआइ की मदद से डायबिटिक रेटिनोपैथी की जांच हो सकती है
    • वैज्ञानिकों ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है जिससे स्मार्टफोन को रेटिनल कैमरे में तब्दील किया जा सकता है।
  • प्रशांत महासागर में पाए गए सांस लेने वाले रोगाणु
    • नेशनल एकेडमी ऑफ साइ्ंस की पत्रिका में छपा अध्ययन
    • प्रशांत महासागर के कम ऑक्सीजन वाले भागों में वैज्ञानिकों ने सांस लेने वाले माइक्रो्ब्स ‘आर्सेनिक’ का पता लगाया है
    • वैज्ञानिकों का दावा है कि ये जीव ज्यादातर जीवित प्राणियों के लिए घातक जहर माने जाते हैं
    • ये सांस लेने वाले रोगाणु ऐसे पानी में एक प्रतिशत से भी कम सूक्ष्‍म जीवों को पनपने देते हैं। साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि यह आर्सेनिक गर्म और प्रदूषित इलाकों में ज्यादा पाए जाते हैं
    • शोधकर्ता जैकलीन सांडर्स के अनुसार आनुवांशिक सिग्नेचर के जरिए इन सूक्ष्‍म जीवों के बारे में और भी बहुत कुछ पता लगाया जा सकता है लेकिन गौर करने वाली बात है कि जलवायु परिवर्तन के कारण आर्सेनिक की जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है

साभार– दैनिक जागरण (राष्ट्रीय संस्करण) दिनांक 06 मई 2019

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