काव्य श्रृंखला – 25

मोबाइल और हमारा जीवन

मैं और मेरा मोबाइल, अक्सर ये बातें करते हैं
कि तुम ना होते तो कैसा होता

मैं बदन हूं, तुम हो छाया, तू न हो तो चैन नहीं है
मेरे प्यारे से मोबाइल, मैं जहां हूं तू वहीं है
हमें मिलना ही था कमबख्त, दूरभाष के बहाने
मिले दोस्त कुछ पुराने, हुए रिश्ते कुछ बेगाने

तुम मिले थे जब प्रथम क्षण, तो लगे थे प्राण प्यारे
हमने सोचा कि जुटाएं, कुछ लम्हें तेरे बहाने
पर मिलनी थी रुसवाई, हर मोड़ पर जीवन के
बदनाम तुम हुए थे, एक सोच की कलम से

तुमने पहुंच बनाई, दुनिया के हर शिखर पे
कुछ लोग भी थे ऐसे, जो बने कुबेर तुम से
पर काम एक ऐसा, भी कर गया तू भाई
तू साथ जब रहे तो, क्या पति और क्या लुगाई

तुमने बिगाड़े बच्चे, जो थे उमर के कच्चे
उनको उड़ाया तुमने, उनके समय से पहले
अब जन्म से ही उनको, तेरी ही लत लगी है
भूले हैं मां की ममता, बस तेरी जिद चढ़ी है

ऐसा नहीं कि तू है, इतना बुरा हमेशा
तूने भरा उजाला, कुछ के अंधेरे घर में
कुछ ने करी पढ़ाई, और बन गए कलेक्टर
कुछ ने करी कमाई, और बन गए वो एक्टर

तेरी है ऐसी लीला, लगे फीका वो लीलाधर
तू दोस्त है सभी का, पर शत्रु भी है सबका
पत्नी करे शिकायत, जब पति से तेरे लव का
हाथों में उसके भी तो, तू पड़ा हुआ मुस्काता

देखी है एक लीला, तेरी हे दुष्ट प्राणी
दो लोग साथ बैठे, पर बात ना करे हैं
एक बैठा बोर होता, और दूजा व्यस्त तुझ में
फिर दूर जाके पूछे, बोलो मिलें फिर कब हम

सबके उदास चेहरे, सब बोले, हैं अकेले
दुनिया से भागे कहते, न साथ कोई मेरे
ये भी है देन तेरी, काफी वृहद सीमा तक
फंक्शन तेरे सब जाने, खुद को न जाना अब तक

बनते बिगड़ते रिश्ते, उनमें, जो मिल सकें ना
चेहरे पर भाव कुछ है, और इमोजी भेजे दूजा
भावों का भी नियंत्रण, करता रिमोट बन कर
कुछ ज्ञान भी सिखाता, ऑनलाइन गुरु तू बन कर

गुण दोष तेरे जाने, दुनिया के सारे प्राणी
फिर भी तेरे ही पीछे, दुनिया बनी दीवानी
सेल्फी के कुछ दीवाने, हैं जान भी गंवाते
दुनिया का सारा कर्मठ, तुझसे सभी कराते

अब कदम भी तू ही गिनता, दुर्लभ बना अब मीटर
रास्ता तू ही दिखाता, कौन सीखे क्या है चुंबक
घड़ियों के काले दिन का, तू ही बना है कारक
आंखों पर बढ़ते चश्मों का, भी है तू एक कारण

पर दोष क्यों दूं तुझको, दुनिया की दुर्गति का
खुद पर नहीं नियंत्रण, है आजकल किसी का
होती जलन है तुझसे, दुनिया में हर किसी को
मिल जाता थोड़ा हमको, जो प्यार तू है पाता

होती जलन है तुझसे, दुनिया में हर किसी को
मिल जाता थोड़ा हमको, जो प्यार तू है पाता

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.