गीता माणिक्य – 11

अध्याय – 1 / श्लोक – 39 से 43 कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः। धर्मे नष्टे कुलं कृत्स्नमधर्मोSभिभवत्युत।।39।। अधर्माभिभवात्कृष्ण प्रदुष्यन्ति कुलस्त्रियः। स्त्रीषु दुष्टासु वाष्णेय जायते वर्णसंकरः।।40।। संकरो नरकायैव कुलघ्नानां कुलस्य च।…

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WordMeaningSynonymsRedundantअनावश्यकव्यर्थफालतूUnnecessaryNeedlessDispensableExtra-essentialExtrinsicVainPointlessMeaninglessUnusableUselessSuperfluousVanquishहराना ⁄ जीतनाCrushShellTrounceSwindleठगी ⁄ ठगनाठगझांसाधोखाछल प्रताड़नाHoaxBetrayalAll my eyeAmbidexterityambidextrousnessChouseCony catcherDeceiverFudgeGullSubornCheatConBeguileDeludeSubstantiateसाबित करनासिद्ध करनापुख्ता करनाProveAverCarry outAccomplishCarry throughBear outEndorseCanineकुत्ते के जैसाFangCogTineDentSpurVulpineलोमड़ी जैसामक्कारकपटीCraftyCunningDeceitfulInsidiousPretentiousDisingenuousAmbidextrousDeceptiveUrsineभालू के जैसा--Piscineमछली से संबंधित--Bovineगोजातीयगव्यसांड़ कामंदकुंदकमसमझDullLowFeebleSurlyBluntObtuseThickheadedThickskulledPigheadedSottish Compiled by - Arun अर्पण Subscribe to…

काव्य श्रृंखला – 64

इंसान बनाम कुत्ता तब इंसान पालता था कुत्ताअब इंसान पालता है, कुत्ताबाइक सवार देखा एक दिनपट्टा था एक व सवारी तीनथा मजेदार कुछ अलबत्ताविस्मित अर्पण हक्का बक्कादोनों के गले एक…

गीता माणिक्य – 10

अध्याय – 1 / श्लोक – 31 से 38 न च श्रेयोSनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे। न कांक्षे विजयं कृष्ण न च राज्यं सुखानि च।।31।। किं नो राज्येन गोविन्द किं भोगैर्जीवितेन वा।…

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WordMeaningSynonymsDreadभयडरFearPhobiaAweFrightApprehensionMisgiving--do--आतंकPanicTerrorConsternation,--do--शंकाDoubtSurmiseSuspicionDemur--do--डरावनाBugabooBuggerBugbearScarecrowGolliwog--do--विभीषिकाCatastropheNotoriousकुख्यातबदनामी---Draconianकठोरकड़ासख्तStiffToughHardSpartanUnpalatableInflexibleStrictUnbleachedHardSevereStringentPersevering--do--बेरहमMercilessHeartlessUnrepentantCruelRemorseless--do--निर्दयRelentlessRuthlessBrutalUncharitable--do--रुखाCurtGrainyRudeDryRoughDuplicitousनकलची--HarbourबंदरगाहAnchorage ground--do--शरणRefugeShelterHideawayNicheProtection--do--आश्रमHermitageGrottoMonasteryMonkery--do--आश्रयगृहFoundling hospitalCharity schoolLodgmentLodging house--do--अनाथालयवृद्धाश्रमOrphanagePoorhouse--do--विचार करनाConsiderPonderMullThinkContemplateOpine Compiled by - Arun अर्पण Subscribe to get access Read more of this content when you subscribe today. Log in Picture credit - Learn…

गीता माणिक्य – 9

अध्याय – 1 / श्लोक – 27 से 30 तान्समीक्ष्‍य स कौन्तेयः सर्वान्बन्धूनवस्थितान्। कृपया परयाविष्टो विषीदन्निदमब्रवीत्।।27।। अर्जुन उवाच दृष्ट्वेमं स्वजनं कृष्ण युयुत्सुं समुपस्थितम्। सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति।।28।। वेपथुश्च…

गीता माणिक्य – 8

अध्याय – 1 / श्लोक – 24 से 26 संजय उवाच एवमुक्तो हृषीकेशो गुडाकेशेन भारत। सेनयोरुर्भयोर्मध्ये स्थापयित्वा रथोत्तमम्।।24।। भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम्। उवाच पार्थ पश्येतान्सम्वेतान्कुरुनिति।।25।। तत्रापश्यत्स्थिान्नपार्थः पितृनथ पितामहान्। आचार्यान्मातुलान्भ्रातृन्पुत्रान्सखींस्तथा। श्वशुरान्सुहृदश्चैव…

गीता माणिक्य – 7

अध्याय – 1 / श्लोक – 20 से 23 अथ व्यवस्थितान्दृष्ट्वा धार्तराष्ट्रान्कपिध्वजः। प्रवृत्ते शस्त्रसम्पाते धनुरुद्यम्य पाण्डवः। हृषीकेशं तदा वाक्यमिदमाह महीपते।।20।। अर्जुन उवाच सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेSच्युत।।21।। यावदेतान्निरीक्षेSहं योद्धुकामानवस्थितान्। कैर्मया सह…

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WordMeaningSynonymsFervourजोशPassionZealEnthusiasmIncandescencePep--do--उत्साहEuphoriaRapture--do--चावappetite--do--तीव्रताIntensitySeveritySharpnessRapidityIntension--do--गर्मीWarmthArdencyCalorFervencySunshine--do--व्याग्रताDishevelmentFeverishnessIntentnessPerturbanceRestlessnessSolicitousnessUnflinchingबेहिचकबेधड़क---do--वीरBanneretBayardDaughtyLustrousशोभायमानStunningRattlingBeautifulGracefulScrumptious--do--उज्ज्वलBrightCleanClearIncandescentWhitsun--do--चमकीलाShinyResplendentGlazedBrightSleek --do--रोशनRadiant--do--तेजस्वीMajesticLucidस्पष्ट अर्थ का सबाेधगम्य---do--चमकदारBrightShinyGlossyBlazingShining--do--व्यक्तExpressedArticulatedManifestedExplicit--do--स्पष्टObviousEvidentBarefaced--do--विशदCommodiousGraphicDerogatoryअपमानजनकअप्रतिष्ठाकारीअनादरसूचकAbusiveOutrageousDegradingOffensivePejorative--do--लज्जाजनकScandalousDishonorableIngloriousShamefulDiscreditableThriveफलना–फूलनाकामयाब होनापनपना---do--बढ़नाEnlargeExceedGreatenSproutSwollenDichotomyविरोधभासदोभागों में विभाजन- Compiled by - Arun अर्पण Subscribe to get access Read more of this content when you subscribe today. Log in Picture credit -…

गीता माणिक्य – 6

अध्याय – 1 / श्लोक – 12 से 19 तस्य संजनयंहर्षं कुरुवृद्धः पितामहः। सिंहनादं विनयद्‍योच्चैः शंखं दध्मौ प्रतापवान्।।12।। ततः शंखाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः। सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोSभवत्।।13।। ततः श्वेतेर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ।…

गीता माणिक्य – 5

अध्याय – 1 / श्लोक – 7, 8, 9, 10, 11 अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम। नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते।।7।। भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समीतिन्जय। अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव…

गीता माणिक्य – 4

अध्याय – 1 / श्लोक – 4, 5, 6 अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि। युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथः।।4।। धृष्टकेतुश्चेकितानः काशिराजश्च वीर्यवान्। पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुड्गवः।।5।। युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान्। सौभद्रो द्रौपदेयाश्च…

गीता माणिक्य – 3

अध्याय – 1 / श्लोक – 3 पश्येतां पाण्डुपुत्राणामाचार्यं महतीं चमूम्। व्यूढ़ां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता।। अनुवाद –द्रोणाचार्य के समीप जाकर दुर्योधन ने उनसे कहा – हे आचार्यǃ आपके विद्वान…

गीता माणिक्य – 2

अध्याय–1/श्लोक–2 संचय उवाच दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा। आचार्यमुपसड्गम्य राजा वचनमब्रवीत्।। अनुवाद –संजय ने कहा – पाण्डवों की विशाल सेना की व्यूहरचना को देखकर दुर्योधन आचार्य द्रोणाचार्य के पास जाकर…

गीता माणिक्य – 1

अध्याय–1/श्लोक–1 धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किंकुर्वत संजय।। अनुवाद–धृतराष्ट्र ने कहा– हे संजय! धर्म के क्षेत्र कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए पाण्डु के पुत्रों तथा मेरे…